आज हम जानेंगे केला खाने का सही तरीका, केले के गुण और केले खाने के कुछ फायदे, और सबसे जरूरी केला खाने का सही समय | केला जो कि हर किसी ने देखा होगा हर किसी ने खाया होगा और यह साल के पूरे 12 महीने अवेलेबल होता है। मतलब यह एक ऐसा फल है जो विशेष तरह के मौसम में नहीं आता, यह पूरे साल भर अवेलेबल होता है। इसमें सबसे पहले हम केले के कुछ गुणों के बारे में जान लेते हैं, मतलब केले में क्या-क्या प्रॉपर्टीज होती है। जैसा कि सभी को पता है कि केला तासीर में ठंडा होता है , पचने में भारी होता है कफ वर्धक होता है और पित्त नाशक होता है ,पित्त के साथ साथ यह वात नाशक भी होता है ।
मतलब आप ऐसा कह सकते हैं कि केला पित्त और वात नाशक होता है , यहां पर में पके हुए केले की बात कर रहा हूं ,और पका हुआ केला मधुर स्वाद वाला होता है मतलब यह स्वाद में कुछ गहरा होता है और मीठा होता है जो कि सभी को पता है।
अब जान लेते हैं केले खाने के कुछ फायदे जोकि आयुर्वेद में कहे गए हैं जैसे कि केला शरीर में ताकत को पढ़ाता है, शरीर में कांति को बढ़ाता है मतलब चेहरे पर यह कांति लाता है ,सुंदरता लाता है, और जाने तो यह शुक्र धातु को पोषित करता है, आगे जाने तो यह भूख प्यास को कम करता है, मतलब जिन्हें अधिक भूख प्यास लगती है जैसे कि पित्त प्रकृति वाले को जिनके शरीर में गर्मी ज्यादा रहती है तो उनके लिए केला खाना एक परफेक्ट चॉइस रहेगा ,और आयुर्वेद कहता है कि यह मंद अग्नि वाले के लिए नहीं है। मतलब जिनकी डाइजेशन पावर कम है केला खाना उनके लिए अच्छा नहीं रहेगा ,क्योंकि अभी हमने जाना कि यह पचने में भारी होता है मतलब कफ कारक होता है ।
अब इन सब बातों से हमें यह तो पता चल गया कि केला खाना कहो बालों के लिए ज्यादा अच्छा नहीं रहेगा मतलब उनके लिए यह एक परफेक्ट चॉइस नहीं है परफेक्ट चॉइस उनके लिए है जिसके शरीर में गर्मी ज्यादा है या जो पित्त प्रकृति वाले हैं ,और दूसरा परफेक्ट चॉइस उसके लिए है जो वात प्रकृति वाले हैं यह वात प्रकृति वालों की धातुओं को पोषित कर देगा।
दोस्तों यह तो हमने जाना कि केले खाने के कुछ फायदे और गुण अब हम जान लेते हैं केला खाने का सही तरीका, और सही समय पहले हम जान लेते हैं सही तरीका।
इसमें आयुर्वेद कहता है कि केले को कुछ विशेष तरह की चीजों के साथ खाने से केला तरीके से डाइजेस्ट हो जाता है जैसे मैंने कुछ ऐसी लिस्ट बनाई है जैसे पहला है इलायची, दूसरा है दही, तीसरा है देसी घी, यहां पर मैं गाय के घी के बारे में बोल रहा हूं और कुछ कुछ कंडीशन मैं कई व्यक्ति मक्खन के साथ लेने को भी बताते हैं जो कि हम किसी आगे आने वाले समय में बताएंगे जैसा कि मैं पहले ही बता चुका है कि केले को कभी दूध के साथ नहीं लेना चाहिए ।
दोस्तों इसमें मैंने जो केले को दही के साथ लेने के लिए बताया है वह उन लोगों के लिए ज्यादा अच्छा रहेगा जिसे दस्त की प्रॉब्लम है या जिसे लूज मोशन होता रहता है जिन्हें दिन में 5 बार टॉयलेट जाना पड़ता है मतलब दही और केले को साथ में लेने से यह पेट में कब्ज कर देगा। अब यह तो हमने जाना की केले को इन इन चीजों के साथ लेना एक परफेक्ट चॉइस रहेगा।
मतलब आप ऐसा कह सकते हैं कि केला पित्त और वात नाशक होता है , यहां पर में पके हुए केले की बात कर रहा हूं ,और पका हुआ केला मधुर स्वाद वाला होता है मतलब यह स्वाद में कुछ गहरा होता है और मीठा होता है जो कि सभी को पता है।
अब जान लेते हैं केले खाने के कुछ फायदे जोकि आयुर्वेद में कहे गए हैं जैसे कि केला शरीर में ताकत को पढ़ाता है, शरीर में कांति को बढ़ाता है मतलब चेहरे पर यह कांति लाता है ,सुंदरता लाता है, और जाने तो यह शुक्र धातु को पोषित करता है, आगे जाने तो यह भूख प्यास को कम करता है, मतलब जिन्हें अधिक भूख प्यास लगती है जैसे कि पित्त प्रकृति वाले को जिनके शरीर में गर्मी ज्यादा रहती है तो उनके लिए केला खाना एक परफेक्ट चॉइस रहेगा ,और आयुर्वेद कहता है कि यह मंद अग्नि वाले के लिए नहीं है। मतलब जिनकी डाइजेशन पावर कम है केला खाना उनके लिए अच्छा नहीं रहेगा ,क्योंकि अभी हमने जाना कि यह पचने में भारी होता है मतलब कफ कारक होता है ।
अब इन सब बातों से हमें यह तो पता चल गया कि केला खाना कहो बालों के लिए ज्यादा अच्छा नहीं रहेगा मतलब उनके लिए यह एक परफेक्ट चॉइस नहीं है परफेक्ट चॉइस उनके लिए है जिसके शरीर में गर्मी ज्यादा है या जो पित्त प्रकृति वाले हैं ,और दूसरा परफेक्ट चॉइस उसके लिए है जो वात प्रकृति वाले हैं यह वात प्रकृति वालों की धातुओं को पोषित कर देगा।
दोस्तों यह तो हमने जाना कि केले खाने के कुछ फायदे और गुण अब हम जान लेते हैं केला खाने का सही तरीका, और सही समय पहले हम जान लेते हैं सही तरीका।
इसमें आयुर्वेद कहता है कि केले को कुछ विशेष तरह की चीजों के साथ खाने से केला तरीके से डाइजेस्ट हो जाता है जैसे मैंने कुछ ऐसी लिस्ट बनाई है जैसे पहला है इलायची, दूसरा है दही, तीसरा है देसी घी, यहां पर मैं गाय के घी के बारे में बोल रहा हूं और कुछ कुछ कंडीशन मैं कई व्यक्ति मक्खन के साथ लेने को भी बताते हैं जो कि हम किसी आगे आने वाले समय में बताएंगे जैसा कि मैं पहले ही बता चुका है कि केले को कभी दूध के साथ नहीं लेना चाहिए ।
दोस्तों इसमें मैंने जो केले को दही के साथ लेने के लिए बताया है वह उन लोगों के लिए ज्यादा अच्छा रहेगा जिसे दस्त की प्रॉब्लम है या जिसे लूज मोशन होता रहता है जिन्हें दिन में 5 बार टॉयलेट जाना पड़ता है मतलब दही और केले को साथ में लेने से यह पेट में कब्ज कर देगा। अब यह तो हमने जाना की केले को इन इन चीजों के साथ लेना एक परफेक्ट चॉइस रहेगा।
अब जान लेते हैं केला खाने का सही समय अब जैसा कि हमें पता है कि यह कफ कारक होता है मतलब यह शरीर में कफ को बढ़ा देता है। तो सीधी सी बात है। इसको कभी भी सूर्या अस्त के समय या सूर्य अस्त के बाद नहीं खाना चाहिए और कई लोग ऐसा भी बताते हैं और मॉडर्न साइंस भी ऐसा बताती है की केले को कभी भी खाली पेट नहीं खाना चाहिए यहां पर मैं सिर्फ केले की बात कर रहा हूं ना की कोई चीजों के साथ मिलाकर मतलब सिर्फ केला कभी भी खाली पेट नहीं खाना चाहिए ।नहीं खाना चाहिए। क्योंकि इससे कई माइक्रो और मैक्रो न्यूट्रिएंट्स का संतुलन शरीर में बिगड़ जाता है। अगर आप चाहते हैं कि केले को खाली पेट खाना ही है। मतलब सुबह सुबह खाली पेट खाना ही है तो इसको दही के साथ ले सकते हैं। इसको देसी घी के साथ ले सकते हैं इसको मक्खन के साथ ले सकते हैं ,इन तीनों में से किसी एक के साथ केला खा सकते हैं और जो व्यक्ति भी सूर्य अस्त के बाद केला खाता है और लगातार खाता रहता है तो 99.9% लोग मिले हैं। जिनको कफ रोग ही जाते हैं। मतलब सर्दी जुकाम हो ही जाते हैं। इसलिए केले को कभी भी सूर्य अस्त के बाद और खाली पेट सिर्फ केला नहीं खाना चाहिए। तो दोस्तों आज के लिए सिर्फ इतना ही धन्यवाद।
केला खाने का सही समय और तरीका
Reviewed by Tarun Baveja
on
February 21, 2020
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Good knowledge । Please visit my website www.caseearn.com
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